Opposition Unity: दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की। इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद इस बैठक को विपक्षी दलों के आपसी तालमेल के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता और चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की संभावनाएं देखी जा रही हैं। रामलीला मैदान से उठा यूपी चुनाव का मुद्दा रामलीला मैदान की रैली में तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार इस कथित गड़बड़ी का पहला शिकार बना। अपने भाषण में उन्होंने भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की और आगामी यूपी विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। तेजस्वी का संदेश था कि विपक्ष को अलग-अलग राज्यों में साझा मुद्दों पर मिलकर आवाज उठानी चाहिए। राजद इस मुद्दे को बिहार तक सीमित रखने के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है। Delhi: Congress Parliamentary Party chairperson Sonia Gandhi met RJD supremo Lalu Prasad Yadav. (Source: AICC) https://t.co/G5CJVwW9U2 — ANI (@ANI) November 2, 2026 कांग्रेस-राजद की नजदीकी क्यों है अहम? बिहार में कांग्रेस और राजद लंबे समय से गठबंधन में हैं। राजद का राज्य में मजबूत संगठन और सामाजिक आधार है, जबकि कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक राजनीतिक नेटवर्क है। दोनों दलों के बीच तालमेल इंडिया ब्लॉक की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सीट बंटवारे या आपसी समन्वय में किसी तरह की परेशानी गठबंधन की एकजुटता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सोनिया गांधी की लालू और तेजस्वी से मुलाकात को सहयोगी दलों के बीच संवाद मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। 2027 के यूपी चुनाव पर भी नजर उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ विपक्षी रणनीति में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की भूमिका अहम रहेगी। दोनों दलों के सामने सीटों के बंटवारे और संगठनात्मक हितों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। ऐसे में कांग्रेस और राजद के बेहतर संबंध विपक्षी दलों के बीच संवाद का माध्यम बन सकते हैं। हालांकि, इस मुलाकात का यूपी में सीटों के तालमेल पर क्या असर होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि रामलीला मैदान की रैली और दिल्ली की बैठक के बाद विपक्षी एकता का संदेश चुनावी रणनीति में कितना दिखाई देता है। ये भी पढ़ें: इंडिया ब्लॉक की रैली पर AI तस्वीर का विवाद! रिजिजू ने कांग्रेस को घेरा, BJP ने बताया फ्लॉप शो